Raksha Bandhan Date, Time Live: रक्षाबंधन पर भद्रा इस समय होगी खत्म, फिर 7.05 तक ही तिथि
खास बातें
Raksha Bandhan 2022 Date Time Tithi Puja Muhurat in Hindi : आज रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जा रहा है। लेकिन आज ही भद्राकाल भी शुरू हो चुकी है। पूर्णिमा तिथि 10 बजकर 38 मिनट पर आरंभ हो गई है। भद्रा रात 08 बजकर 53 मिनट पर समाप्त होगी। 11 अगस्त को भद्रा समाप्त होने पर रात 08 बजकर 54 मिनट से रात 09 बजकर 49 मिनट तक राखी बांध सकते हैं। लेकिन हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार सूर्यास्त के बाद राखी बांधना वर्जित है। इस कारण से कुछ लोग 12 अगस्त को भी रक्षाबंधन मना रहे हैं।
2023 में भी रक्षाबंधन पर भद्रा काल की रहेगी ऐसी स्थिति
आज रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जा रहा है, लेकिन कई लोग कल यानी 12 अगस्त को भी राखी का पर्व मना रहे हैं। दरअसल भद्रा के कारण आज रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त भद्रा के खत्म होने के बाद है। भद्रा रात 8 बजकर 51 मिनट पर खत्म होगी फिर इसके बाद भद्रारहित काल में राखी बांधी जा सकेगी। लेकिन कई का मत है कि रात के समय में राखी नहीं बांधनी चाहिए। ऐसे में 12 अगस्त को पूर्णिमा तिथि के रहते सुबह जल्दी राखी का शुभ मुहूर्त है। इस तरह संयोग अगले वर्ष भी बन रहा है। जब राखी पर भद्रा काल का साया रहेगा।
रक्षाबंधन के बाद कृष्ण जन्माष्टमी भी दो दिन
अब रक्षाबंधन के बाद भगवान श्रीकृ्ष्ण का जन्मोत्सव भी दो दिन का होगा। जिस तरह से इस बार रक्षाबंधन 11 और 12 अगस्त को है उसी प्रकार 18 और 19 अगस्त को जन्माष्टमी की त्योहार भी मनाया जाएगा। पंचांग गणना के मुताबिक 18 अगस्त को भाद्रपद कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि रात को करीब 9 बजकर 22 मिनट से आरंभ हो जाएगी जो अगले दिन यानी 19 अगस्त को रात करीब 11 बज रहेगी।
रक्षाबंधन के दिन इन नियमों का रखें ध्यान
- रक्षाबंधन के दिन भूलकर भी राहुकाल और भद्राकाल में राखी नहीं बांधनी चाहिए। शास्त्रों में इन दोनों काल में किसी भी तरह का कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है।
- बहनों को इस बात का विशेष ध्यान देना चाहिए कि कभी भी भाईयों का खंडित या टूटी हुई राखी न बांधे।
- राखी में शुभ चिन्ह जरूर बना होना चाहिए
राखी बांधने का शुभ चौघड़िया मुहूर्त
रक्षाबंधन पर भद्रा का साया बना हुआ है लेकिन भद्रा के पाताल में वास होने के कारण सावन पूर्णिमा तिथि पर राखी बांधी जा सकती है। आइए जानते हैं राखी बांधने के लिए शुभ चौघड़िया का मुहूर्त काल
चर- सुबह 10.45 बजे से 12.24 बजे तक
लाभ- दोपहर 12.24 बजे से 14.04 तक
अमृत- दोपहर 2.04 बजे से 15.43 बजे तक
शुभ- शाम 5.22 बजे से 7.02 बजे तक
रक्षाबंधन पर करें ये ज्योतीष उपाय
शास्त्रों के अनुसार रक्षाबंधन के दिन कुछ ज्योतिषीय उपाय करने पर भाई बहन के जीवन में प्रेम और सुख-समृद्धि आती साथ ही नकारात्मकता भी खत्म होती है।
- पूजा की थाली में राखी के साथ रखें फिटकरी
- गुलाबी रंग का एक छोटा सा कपड़ा का टुकड़ा और अक्षत
- सुपारी और चांदी का लक्ष्मी-गणेश का सिक्का
जानिए रक्षाबंधन पर कौन सा मंत्र का जाप करना चाहिए
रक्षाबंधन पर और कलाई में रक्षासूत्र बांधते वक्त इस अभीष्ट मंत्र का जरूर करें जाप
ॐ येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः।
तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल।।
अर्थ- जिस रक्षासूत्र को महान शक्तिशाली दानवेंद्र राजा बलि को बांधा गया था, उसी रक्षाबंधन से मैं तुम्हे बांधती हूं, यह तुम्हारी हमेशा रक्षा करें और संकट में तुम मेरी रक्षा करना।
जानिए शुभ मुहुर्त के प्रकार
अभिजीत मुहूर्त- सभी मुहूर्तों में अभिजित मुहूर्त अत्यंत ही शुभ और फलदायी माना गया है। अभिजित मुहूर्त प्रत्येक दिन दोपहर से करीब 24 मिनट पहले शुरू होकर दोपहर के 24 मिनट बाद समाप्त हो जाता है।
चौघड़िया- मुहूर्त शास्त्र में चौघड़िया मुहूर्त का विशेष स्थान होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अगर किसी शुभ और मांगलिक कार्य के लिए कोई शुभ मुहूर्त न मिले तो उस अवस्था में चौघड़िया मुहूर्त में उस कार्य को किया जा सकता है।
होरा-अगर कोई शुभ कार्य करना अत्यंत ही जरूरी हो, लेकिन उस दौरान शुभ मुहूर्त का अभाव हो तो ज्योतिष में होरा चक्र की व्यवस्था बनाई गई है।

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